Chhand in Hindi Vyakaran(छंद)

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काव्य रचना जिसमे लय, तुक, वर्ण, विराम हों और ये एक नियम से आबद्ध हों, उसे छंद कहते हैं।
A poetry which has rhythm, rhyming, figurative language, pause connected together in a rule, is known as Chhand.
छंद काव्य की शोभा बढ़ाते हैं ।
Chhand beautify the poetry.
छंद के भेद (Types)

मात्रिक छंद
मात्राओं (beats - rhythmic units) के आधार पर पहचाने जाने वाले छंद।
प्रमुख मात्रिक छंद (Important Maatric Chhand):
  1. दोहा (Doha)
  2. सोरठा (Sortha)
  3. रोला (Rola)
  4. गीतिका (Gitika)
  5. हरिगीतिका (Harigitika)
  6. उल्लाला (Ullala)
  7. चौपाई (Chaupai)
  8. बरवै (Barvai)
  9. छप्पय (Chhappaya)
  10. कुंडलियाँ (Kundaliyan)
  11. दिगपाल (Digpal)
  12. आल्हा या वीर (Aalha)
  13. सार (Saar)
  14. तांटक (Tantak)
  15. रूपमाला (Roopmala)
  16. त्रिभंगी (Tribhangi)
वर्णिक छंद
वर्णो (letters) के आधार पर पहचाने जाने वाले छंद।
प्रमुख वर्णिक छंद (Important Varnik Chhand):
  1. कवित्त (Kavitta)
  2. मालिनी (Malini)
  3. मंद्रक्रांता (Mandrakanta)
  4. इंद्र्व्रजा (Indravajra)
  5. उपेंद्रवज्रा (Upendravajra)
  6. अरिल्ल (Arilla)
  7. लावनी (Laavani)
  8. राधिका (Radhika)
  9. त्रोटक (Trotak)
  10. भुजंग (Bhujang)
  11. वियोगिनी (Viyogini)
  12. वंशस्थ (Vanshastha)
  13. शिखरिणी (Shikharini)
  14. मत्तगयंग (Mattagayanda)
छंद के अंग (Parts of Chhand)
  • मात्रा
  • गति
  • यति
  • गण
  • तुक

मात्रा
वर्ण को बोलने में लगा समय मात्रा कहलाता है| (Time taken in pronouncing a letter)
जिन वर्णो को उच्चारित करने में कम समय लगता है (letters that take less time pronounce), लघु या हृस्व स्वर और जिन वर्णो को उच्चारित करने में अधिक समय लगता है (letters that take more time pronounce), दीर्घ स्वर कहे जाते हैं।
दीर्घ स्वर में २ मात्राएँ और लघु स्वर में १ मात्रा होती है।

यति
कविता  या छंद को पढ़ते समय जो विश्राम दिया जाता है (pause while reading a poem) उसे यति कहते हैं। इनके लिए (1), (11), (,), (!), (?) चिन्ह होते हैं।

गति
पद्य के बहाव को गति या लय कहते हैं अथार्त हर छंद में विशेष प्रकार की संगीतात्मक लय होती है जिसे गति कहते हैं।
The flow or musical rhythm of a poetry is known as gati.

तुक
जब पद्य में सामान उच्चारण वाले शब्दों का पयोग किया जाता है तो उसे तुक कहा जाता है।
The words with same kind of pronunciation are known as rhyming words.


Examples

छंदों के कुछ उदाहरण
Let us take a look at following examples.

Example 1) दोहा छंद
कारज धीरे होत है, काहे होत अधीर

Example 2) सोरठा छंद
कहै जु पावै कौन , विद्या धन उद्दम बिना।
ज्यों पंखे की पौन, बिना डुलाए ना मिलें।

Example 3) चौपाई छंद
इहि विधि राम सबहिं समुझावा
गुरु पद पदुम हरषि सिर नावा।

Example 4) सवैया छंद
लोरी सरासन संकट कौ,
सुभ सीय स्वयंवर मोहि बरौ।
नेक ताते बढयो अभिमानंमहा,
मन फेरियो नेक न स्न्ककरी।
सो अपराध परयो हमसों,
अब क्यों सुधरें तुम हु धौ कहौ।
बाहुन देहि कुठारहि केशव,
आपने धाम कौ पंथ गहौ।।