Kaal in Hindi Vyakaran

Top

काल का अर्थ है समय। काल क्रिया के होने के समय के बारे में बताता है। 
काल क्रिया के वह रुप होते हैं जिनसे क्रिया का समय अथवा उसके पूर्ण या अपूर्ण अवस्था का बोध होता है।

Tense, also known as Kaal gives the information about the status of the action. wheter its happening, going to happen or already has happened. 

उदाहरण:  बच्चे खेल रहे हैं।
      गोलूने खाना खाया।
      अंकिता कल से नये स्कूल जायेगी।


Kaal Ke Prakar

काल मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं ।

१ भूत काल (Past Tense) -जो बीत चुका है। (That has happened.)

२ वर्तमान काल (Present tense)-जो समय चल रहा है।( Something that is happening now).

३ भविष्य काल -(Future tense)    -जो समय आनेवाला है। (Which will happen later.)

भूत काल:  जो बीत चुका हो वह भूतकाल । यहाँ क्रिया समाप्त होने का बोध होता है।
भूतकाल के छह भेद  है:

(१)सामान्य भूतकाल

(२)आसन भूतकाल

(३)पूर्ण भूतकाल

(४)अपूर्ण भूतकाल

(५)संदिग्ध भूतकाल

(६)हेतुहेतुमद् भूत

१) सामान्य भूतकाल - क्रिया के इस रुप से काम के समय से पूरा होने का बोध होता है।भूतकाल के इस क्रिया से विशेष  समय का बोध नहीं होता।
उदा: सुनिल गया
   स्कूलबस आयी।

२)आसन भूतकाल :क्रिया के जिस रुप से कार्य के कुछ समय पहले ही पूर्ण होने का बोध हो।
उदा: मैने देखा है।
   आनंद अभी घूमके आया है।
इन वाक्यों में क्रिया निकट भूतकाल में पूर्ण हुई है।

३)पूर्ण भूतकाल : क्रिया के जिस रुप से क्रिया के काफी समय पहले समाप्त होने का संकेत मिलता है। 
उदा: वीर सावरकर को काला पानी कि सज़ा हुई थी।
   आर्यन ने लड्डू खाया था।

४)अपूर्ण भूतकाल : भूतकाल के इस रुप से यह पता चलता है कि क्रिया  भूतकाल में हो रही थी ,लेकिन पूरी नहीं हुई थी।
उदा: गाड़ी आ रही थी।
       सुमन गाना गा रही थी।

५)संदिग्ध भूतकाल:भूतकाल की क्रिया के जिस रूप से उसके भूतकाल में पूरा होने में संदेह हो, उसे संदिग्ध भूतकाल कहते है। यहाँ यह पता नहीं चलता के क्रिया हुई है या नहीं।
उदा:  संजय गाया होगा।
    गाड़ी निकल चुकी होगी।

६)हेतुहेतुमद् भूत : यदि भूतकाल में एक क्रिया के होने या न होने पर दूसरी क्रिया का होना या न होना निर्भर करता है, तो वह हेतुहेतुमद् भूतकाल क्रिया कहलाती है। 
उदा: अगर तुमने जी लगाके पढ़ाई की होती तो तुम्हें अच्छे नंबर मिलते।

वर्तमान काल :क्रिया के इस रुप से वर्तमान में होने का बोध होता है। 
वर्तमान काल के पाँच भेद होते है-

(१)सामान्य वर्तमानकाल

(२)तत्कालिक वर्तमानकाल

(३)पूर्ण वर्तमानकाल

(४)संदिग्ध वर्तमानकाल

(५)संभाव्य वर्तमानकाल

 १) सामान्य वर्तमानकाल : क्रिया के जिस रुप से क्रिया के वर्तमान में संपन्न होने का  बोध होता है। 
उदा: राज गाना गाता है।
        दादी पूजा के लिये फूल तोडती है।

२)तत्कालिक वर्तमानकाल : इस रुप से यह पता चलता है कि क्रिया उसी समय घट रही है।
उदा: मै लिख रही हूँ।
        माँ खाना बना रही है।

३)पूर्ण वर्तमानकाल :इस रुप से कार्य का वर्तमान में  पूर्ण होने का बोध होता है। 
उदा: मैने वह पुस्तक पढ़ी है।
       यह गाना हेमंतदा ने गाया है।

४)संदिग्ध वर्तमानकाल : जिससे  क्रिया के वर्तमानकाल में पूर्ण  होने में संदेह हो उसे संदिग्ध वर्तमानकाल कहते है।
उदा: अनिकेत  रोज सुबह दौड़ने जाता होगा। 

५)संभाव्य वर्तमानकाल : जिस कार्य कि वर्तमानकाल में होने की संभावना हो।
उदा: अजय घर आया हो।
   

भविष्य काल : क्रिया का यह रुप  क्रिया को आने वाले काल में पूरा होने का बोध होता है। 
भविष्यकाल के तीन भेद होते हैं।

(१)सामान्य भविष्य काल

(२)सम्भाव्य भविष्य काल

(३)हेतुहेतुमद्भविष्य भविष्य काल

१) सामान्य भविष्य काल : जिस रुप से क्रिया का सामान्य भविष्य में होने का बोध होता है 
उदा: आर्यन  अपनी किताबें समेट कर रखेगा।
        आप खाना खाअोगे।

२) सम्भाव्य भविष्य काल :जो क्रिया निकट के भविष्यमें  होने की संभावना हो ।
उदा: मै मेरा काम कल पूरा करूँगी।
    पापा शायद कल लौट आयेंगे।

३) हेतुहेतुमद्भविष्य भविष्य काल : इस काल में भविष्य में होनेवाली एक क्रिया पर दूसरी क्रिया निर्भर करती है।
उदा:  अगर ठीक से खाना खाअोगे तो सेहत अच्छी रहेगी।
         बाहर जाके खेलोगे तो ज्यादा मज़ा आयेगा।