Ling in Hindi Vyakaran

Top

लिंग (ling | gender) यह शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है जिसका मतलब होता है निशान।
 संज्ञा शब्द  रूप से व्यक्ति  एवं प्राणी की जाति का पता चलता है की वह पुरुष है या स्त्री ।

The nouns  give information about the gender of the given living/non living thing  whether it is a male or female. 

उदाहरण: 
पुरुष जाति  : शेर , कौआ ,लडका ,राजा,मित्र,भाई, चाचा, बैल, पलंग, भवन आदि।
स्त्री जाति : शेरनी , मोरनी, गोली , मँा , चाची ,बहन, शिक्षिका , चिड़ीया आदि।
 
हिंदी भाषा में लिंग के आधार संस्कृत  के नियमों के अनुसार है। ज्यादातर भाषाअों में ( संस्कृत,(मराठी, गुजराती ,अंग्रेजी  ) लिंग भेद तीन प्रकार के होते है। मुख्य तौर से दो  प्रकार के लिंग पायें जाते हैं। 

The rules of  genders are based on the basic rules of Sanskrit language.  In many languages there are three categories of genders namely Masculine, Feminine and  Neuter gender whereas in Hindi only two genders are used :Masculine gender (पुल्लिंग -Pullinga  in Hindi ) and Feminine gender (स्त्री लिंग - Stree linga in Hindi).

जब संज्ञा से पुरुषजाति का बोध होता है  तब उसे पुल्लिंग शब्द कहते हैं। 

The words that indicate male  gender are known as Pullinga  (Masculine gender).

सजीव (living beings)  : कुत्ता , मेंढ़क , घोडा ,राजा ,पिता ।
निर्जीव  (Non living beings) : ग्रंथ , मकान,चष्मा , तकिया ।
भाव (Emotions) : गुस्सा ,अहंकार,गर्व , आनंद  , दुख,उत्साह।

जब  संज्ञा से स्त्री जाति का बोध होता है  तब उसे स्त्री लिंग शब्द कहते हैं। 

The words that indicate female  gender are known as Streelinga  (Feminine  gender).

सजीव शब्द : बिल्ली , चिपकली, गिलहरी , बंदरिया, लड़की ।
निर्जीव  :साड़ी , चादर, रस्सी , चोटी ।
भाव : लज्जा, खुशी , मायूसी ।


Ling ki Pehchan

पुल्लिंग शब्दों की पहचान: 

अकारान्त शब्द पुल्लिंग होते हैं । “अ” से अंत होने वाले शब्द  -
जैसे -मन,धन,वन,कण,चंदन,केश ,शंख,काजल ,शस्त्र ,पत्र,लोभ,संकट,सदन,पंख ,प्रसाद,तट,भवन।
आकारान्त  शब्द :आ से अंत होनेवाले शब्द  : मोटा ,छोटा,सुहाना, ।
पा ,पन से अंत होने वाले शब्द  :बचपन ,बुढ़ापा , लडकपन ।

कुछ शब्द हमेशा ही पुल्लिंग होते हैं। जैसे कि देशों के नाम, दिनों के नाम, शरीर के अंगो के नाम आदि।
समूहवाचक संज्ञा : वर्ग , समूह, मंडल, समाज ।
भारी और बेडौल वस्तुअों- लोटा, जूता, पहाड़ ।
पर्वतों के नाम, महिनों के नाम ,दिनों के नाम, कुछ ग्रहों के नाम   पुल्लिंग होते हैं। उदा: हिमालय , विंध्य , जनवरी,चैत्र ,माघ , अक्तूबर, सोमवार, गुरुवार ,सूर्य, चंद्र , मंगल, शनि आदि।
पेडों के नाम : आम, पीपल, अमरुद, जामुन,गुलाब  बरगद आदि।
धातुआों के नाम:  सोना, लोहा, जस्त, पारा आदि ।
द्रवों के नाम : पानी, तेल, दही,दूध ,पेट्रोल आदि।
अनाजों के नाम: गेहूँ ,जवार,बाजरा ,चना आदि।
सागर ,द्वीपों के नाम: अरब महासागर, हिंद महासागर ,लक्षद्वीप , अंदमान ।
फूलों के नाम , रत्नों के नाम : गुलाब, चंपा, कमल, नीलम, पन्ना ,पुखराज ,मोती।
दान, खाना, वाला से खत्म होने वाले शब्द  : पीकदान,खानदान,  दवाखाना,जेलखाना ,दूधवाला, दुकानवाला।

स्त्रीलिंग शब्दों की पहचान: 

‘ख’ से अंत होनेवाली संज्ञा : जैसे  भूख, राख,कोख,लाख ,देखरेख आदि।
ट ,वट या हट से अंत होनेवाली संज्ञा : सजावट, आहट ,चिकनाहट ,बनावट आदि।
अनुस्वारांत ,ईकारांत,ऊकारांत,  तकारांत, सकारांत  संज्ञाएँ : रोटी ,मोटी ,नदी,उदासी,रात,बात,लू,दारू  ,साँस,प्यास आदि।
भाषा, बोली अौर लिपीयों के नाम: हिंदी, तेलगू, बांगला, देवनागरी,रोमन, पहाड़ी   गुरूमुखी ।
इया से अंत होनेवाले शब्द  स्त्रीलिंग होते हैं।  कुटिया, खतिया,चिड़िया  आदि।
नदियों के नाम : गंगा, यमुना,गोदावरी, कावेरी आदि।
तारिखों तथा तिथियों के नाम:  पहली,दुसरी, प्रतिपदा, अमावस, पूर्णिमा  आदि।
नक्षत्रों के नाम: रोहिणी ,मघा, अश्विनी आदि।

पुल्लिंग शब्दों को ई  ,ईन ,आनी, इया  का प्रत्यय जोडने से शब्द का लिंग परिवर्तन होता है।

अ- बाल-बाला,छात्र -छात्रा 
अक को इक करके:शिक्षक-शिक्षिका,,बालक-बालिका ।
नी = मोर – मोरनी , चोर – चोरनी आदि ।
आनी = जेठ – जेठानी ,सेठ -सेठानि , देवर – देवरानी आदि ।
आइन = ठाकुर – ठकुराइन , पंडित – पण्डिताइन आदि ।
ई = बड़ा – बड़ी ,गोड़ा -घोड़ी, भला – भली आदि ।
इन = धोबी – धोबिन , सुनार -सुनारिन,माली-मालिन आदि ।
इनी = योगी – योगिनी , कमल – कमलिनी आदि ।
इया = बेटा – बिटिया , चूहा-चुहिया, लोटा – लुटिया आदि ।